बलिया के पीएचसी नगरा में नवजात बालिकाओं का हुआ सम्मान, परिवारों को भी किया गया जागरूक
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आशीष दुबे, बलिया
बलिया। जिले में बालिकाओं के सम्मान और उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) नगरा में कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ वीमेन (HEW) के माध्यम से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित हुआ। इस दौरान नवजात बालिकाओं और उनकी माताओं का सम्मान किया गया तथा उन्हें आवश्यक उपयोग की सामग्री भी वितरित की गई।
यह कार्यक्रम जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों के जन्म को सम्मान देना, परिवारों में जागरूकता बढ़ाना और सरकार की महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना रहा।
नवजात बालिकाओं को दी गई बेबी किट और जरूरी सामग्री
कार्यक्रम के दौरान जन्मी बालिकाओं को बेबी किट के साथ नवजात शिशुओं के कपड़े, डायपर, मच्छरदानी, मिष्ठान और जलपान उपलब्ध कराया गया। महिला कल्याण विभाग की ओर से यह संदेश दिया गया कि बालिकाओं के जन्म को परिवार और समाज में सकारात्मक रूप से स्वीकार किया जाए तथा उनके पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए।
माताओं को भी नवजात शिशु की देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी गई ताकि शुरुआती दिनों में शिशु को बेहतर देखभाल मिल सके।
परिवारों को दी गई सरकारी योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित परिवारों को बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और महिलाओं व बच्चों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा बालिकाओं के विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को समय-समय पर जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और पात्रता के अनुसार आवेदन करना चाहिए।
बेटियों के सम्मान और समानता का दिया गया संदेश
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों से बेटियों को समान अवसर देने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का उद्देश्य केवल बालिका जन्म दर में सुधार करना ही नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना भी है।
स्वास्थ्य विभाग और महिला कल्याण विभाग की रही सहभागिता
कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. बब्बन यादव, डीएमसी अंजली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट निकिता सिंह, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, सुमेश कुमार सहित अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
सभी ने नवजात बालिकाओं और उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं तथा बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने परिवारों को नवजात शिशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और पोषण संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी।
महिला कल्याण विभाग की पहल का उद्देश्य
महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह पहल समाज में बेटियों के प्रति सम्मान की भावना बढ़ाने और लिंग समानता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विभाग का प्रयास है कि बालिकाओं के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा मजबूत हो, ताकि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हो और परिवारों को यह संदेश मिले कि बेटियां भी समान अवसर और सम्मान की अधिकारी हैं।
प्रशासन का फोकस जागरूकता बढ़ाने पर
जिला प्रशासन लगातार महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में कन्या जन्मोत्सव जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके जरिए सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसी पहल से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है।
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