रतसड़ में प्रसूता की मौत के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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आशीष दुबे, बलिया
बलिया जिले के रतसड़ क्षेत्र में प्रसव के बाद महिला की मौत के मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। जांच के दौरान सामने आया कि जिस निजी क्लीनिक में प्रसव कराया गया था, वह बिना किसी मान्यता के संचालित हो रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील कर दिया है।
जिगनी मोड़ के पास से हुई गिरफ्तारी
स्थानीय थाना पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या के दर्ज मुकदमे में आरोपित कृष्णानंद उर्फ कृष्णा को गुरुवार को गिरफ्तार किया। उप निरीक्षक नीरज यादव ने पुलिस टीम के साथ रतसड़-खेजुरी मार्ग स्थित जिगनी मोड़ के पास से उसे हिरासत में लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपित को न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
प्रसव के लिए क्लीनिक में भर्ती कराई गई थी महिला
मामले की शुरुआत रसड़ा क्षेत्र के सरदासपुर निवासी टुनटुन राजभर की शिकायत से हुई। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी निर्मला देवी प्रसव के लिए अपने मायके गड़वार थाना क्षेत्र के जोगीडीह (बुढ़ऊं-कुरेजी) गांव आई हुई थीं।
परिजनों के अनुसार, प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्हें रतसड़ स्थित
एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्लीनिक संचालिका चांदमुनी और उसके पुत्र कृष्णा ने सुरक्षित प्रसव कराने का आश्वासन दिया और इसके बदले 40 हजार रुपये लिए।
बच्चे के जन्म के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत
परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक में प्रसव के बाद निर्मला देवी ने एक बच्चे को जन्म दिया। हालांकि प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया, जिससे उनकी स्थिति लगातार गंभीर होती गई।
जब हालत अधिक खराब हुई तो स्वजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत के बाद परिजनों ने उपचार और प्रसव प्रक्रिया में लापरवाही का आरोप लगाया तथा मामले की शिकायत पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से की।
जांच में बिना मान्यता संचालित मिला क्लीनिक
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच टीम ने रतसड़ कला स्थित संबंधित क्लीनिक का निरीक्षण किया।
प्राथमिक जांच में पाया गया कि क्लीनिक के संचालन के लिए आवश्यक मान्यता और अनुमति उपलब्ध नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भेजी।
रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ के निर्देश पर विभागीय टीम ने बुधवार को क्लीनिक को सील कर दिया। अधिकारियों ने वहां मौजूद दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की।
गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
पुलिस ने मृतका के पति की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में गैर-इरादतन हत्या सहित अन्य आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस घटना के बाद क्षेत्र में बिना पंजीकरण संचालित निजी क्लीनिकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे संस्थानों की सूची तैयार कर उनकी जांच करने की तैयारी में है।
अधिकारियों का मानना है कि बिना अनुमति संचालित चिकित्सा केंद्र मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। ऐसे मामलों में नियमित निरीक्षण और कड़ी निगरानी आवश्यक है।
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