मारपीट के मामले में पीड़ित और पुलिस आमने-सामने, एफआईआर नहीं होने पर उठे सवाल
देश दुनिया के ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए www.TheBoltaBharat.com का Whatsapp चैनल नीचे को दिये गये लिंक को टैप/क्लिक करके जुड़ सकते हैं-Follow On Whatsapp
आशीष दुबे, बलिया
सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में मारपीट के एक मामले को लेकर पीड़ित और पुलिस के दावों में विरोधाभास सामने आया है। एक ओर घायल युवक ने लाठी-डंडों से हमले का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज न किए जाने की शिकायत की है, वहीं पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में घटना की पुष्टि नहीं हुई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
जानकारी के अनुसार, रुद्रवार गांव निवासी प्रतिश कुमार राय ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे वह गांव की एक नाई की दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान मुंह बांधे तीन युवक पहुंचे और उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आरोप है कि हमले में उनका पैर फ्रैक्चर हो गया, हाथ की दो उंगलियां टूट गईं और सिर में गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो हमलावर फरार हो गए।
पीड़ित का कहना है कि घटना के करीब आधे घंटे बाद वह सिकंदरपुर थाने पहुंचे और लिखित तहरीर दी। आरोप है कि शाम तक उन्हें थाने में बैठाए रखा गया। इस दौरान पुलिस ने तीन लोगों के बयान भी दर्ज किए, लेकिन इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
पुलिस ने क्या कहा?
प्रभारी निरीक्षक मूलचंद चौरसिया ने बताया कि मामले की जांच कराई गई। जांच में जिस स्थान पर मारपीट की बात कही गई है, वहां ऐसी घटना की पुष्टि नहीं हुई। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप
प्रतिश कुमार राय का आरोप है कि गंभीर चोटें होने, लिखित तहरीर देने और गवाहों के बयान दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। उनका कहना है कि इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
Contact Us |
|
|
|
|
|
X/Twiter |
|
|
|
|
|
|


