रेवती थाना क्षेत्र में पिटाई के आरोप के बाद हुई मौत, पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई तेज
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आशीष दुबे, बलिया
बलिया। जिले के रेवती थाना क्षेत्र में कामजी गोंड़ की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रेवती थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि मामले में नामजद दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं मृतक के परिजनों की तहरीर पर ग्राम प्रधान, उनके चालक और दो पुलिसकर्मियों समेत कुल छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मुर्गा खरीदने के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, यह मामला 7 जुलाई का है। रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी विशाल गोंड़ खेवन चौराहे पर स्थित सूरज कनौजिया की दुकान पर मुर्गा खरीदने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।
आरोप है कि विवाद के दौरान विशाल गोंड़ के साथ गाली-गलौज की गई और कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से हमला करने का प्रयास किया। इसके बाद विशाल किसी तरह वहां से निकलकर अपने घर पहुंच गए।
शिकायत के बाद पुलिस पहुंची घर
घटना के बाद गांव के प्रधान आशुतोष शंकर सिंह उर्फ लालू और उनके चालक मनीष यादव ने सूरज कनौजिया के साथ मिलकर विशाल गोंड़ के खिलाफ रेवती थाने में शिकायत दर्ज कराई।
अगले दिन 8 जुलाई को दोपहर करीब 1:20 बजे रेवती थाने के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर सचिन सरोज और कांस्टेबल अंकित सिंह विशाल गोंड़ के घर पहुंचे। उस समय विशाल घर पर नहीं मिले। आरोप है कि पुलिसकर्मी उनके 42 वर्षीय पिता कामजी गोंड़ को पूछताछ के लिए थाने ले गए।
थाने में पिटाई का आरोप
परिजनों का आरोप है कि ग्राम प्रधान के दबाव में पुलिसकर्मियों ने थाने में कामजी गोंड़ की पिटाई की। आरोप यह भी है कि उसी दिन शाम करीब 4:05 बजे ग्राम प्रधान और उनके चालक कामजी गोंड़ को अपनी सुपुर्दगी में लेकर एक ईंट भट्ठे पर गए, जहां उनके साथ दोबारा मारपीट की गई।
हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
बेहोशी की हालत में मिले, इलाज के दौरान हुई मौत
परिजनों के अनुसार, शाम करीब 6:20 बजे कामजी गोंड़ ठगनी माई के बगीचे के पास बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेवती ले जाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल बलिया रेफर कर दिया। वहां से बेहतर इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी भेजा गया। इलाज के दौरान 10 जुलाई की रात लगभग 11 बजे उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा शव, ग्रामीणों ने लगाया जाम
11 जुलाई को वाराणसी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देर रात शव गांव लाया गया। इसके बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने रविवार को रेवती-बलिया मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया।
ग्रामीणों की मांग थी कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद करीब आधे घंटे में जाम समाप्त कराया गया और यातायात सामान्य हो गया।
एसपी का बड़ा फैसला, थानाध्यक्ष लाइन हाजिर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने तत्काल विभागीय कार्रवाई की। रेवती थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया, जबकि सब-इंस्पेक्टर सचिन सरोज और कांस्टेबल अंकित सिंह को निलंबित कर दिया गया।
साथ ही अनिल कुमार सिंह को रेवती थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
ग्राम प्रधान समेत छह लोगों पर मुकदमा
मृतक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह उर्फ लालू, चालक मनीष यादव, तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह, सूरज कनौजिया तथा एक अन्य नामजद आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जाएगी।
प्रशासन की नजर पूरे मामले पर
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी।
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