बारिश बनी जानलेवा! छत से गिरने के बाद 25 वर्षीय युवक की मौत, बीएचयू में इलाज के दौरान गई जान
देश दुनिया के ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए www.TheBoltaBharat.com का Whatsapp चैनल नीचे को दिये गये लिंक को टैप/क्लिक करके जुड़ सकते हैं-Follow On Whatsapp
आशीष दुबे
बलिया News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र में बारिश के दौरान हुई एक दुर्घटना में 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक रात में घर की छत पर सो रहा था। देर रात बारिश शुरू होने पर वह नीचे उतरने के लिए सीढ़ियों की ओर बढ़ा, लेकिन अंधेरे में संतुलन बिगड़ने से छत से नीचे गिर गया। गंभीर रूप से घायल युवक को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
उभांव थाना क्षेत्र के चंदाडीह गांव की घटना
यह घटना उभांव थाना क्षेत्र के चंदाडीह गांव की है। मृतक की पहचान नायब राजभर (25) के रूप में हुई है। वह रामचयन राजभर के सबसे छोटे पुत्र थे। परिवार के अनुसार, गर्मी के कारण मंगलवार रात वह घर की छत पर सो रहे थे।
रात में अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए नायब छत से नीचे उतरने लगे, लेकिन अंधेरा होने के कारण उन्हें रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं दिया।
रेलिंग न होने से बिगड़ा संतुलन
परिजनों के मुताबिक, छत के जिस हिस्से से नायब नीचे उतर रहे थे, वहां सुरक्षा के लिए रेलिंग नहीं थी। बारिश और अंधेरे की वजह से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे गिर पड़े।
गिरने से उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए।
प्राथमिक उपचार के बाद बीएचयू किया गया रेफर
स्थानीय अस्पताल में चिकित्सकों ने युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया। हालत में सुधार न होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
बीएचयू में डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान देर रात उनकी मृत्यु हो गई।
परिवार में सबसे छोटे थे नायब राजभर
नायब राजभर अपने दो भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी असमय मृत्यु के बाद परिवार गहरे सदमे में है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग भी परिवार के घर पहुंचने लगे।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में बिना रेलिंग वाली छतों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
पुलिस और प्रशासन की जानकारी
घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी गई। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मामले की जानकारी दर्ज की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह एक दुर्घटनावश हुई घटना है। किसी प्रकार की अन्य संदिग्ध परिस्थिति सामने नहीं आई है।
प्रशासन की ओर से लोगों से बरसात के मौसम में छतों, सीढ़ियों और फिसलन वाले स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील भी की जाती रही है।
बरसात के मौसम में बढ़ जाता है हादसों का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के दौरान छतों और सीढ़ियों पर फिसलन बढ़ जाती है। यदि छत पर रेलिंग न हो या पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था न हो, तो दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कई मकानों की छतों पर सुरक्षा संबंधी इंतजाम नहीं होते। ऐसे में बारिश या रात के समय छत पर आने-जाने के दौरान विशेष सतर्कता आवश्यक है।
Contact Us |
|
|
|
|
|
X/Twiter |
|
|
|
|
|
|

