बलिया में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार से की कार्रवाई की मांग
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आशीष दुबे, बलिया
बलिया। पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में शनिवार को बलिया नगर के शहीद पार्क चौक स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे छात्रों और छात्र नेताओं ने भूख हड़ताल कर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक की घटनाओं, शिक्षा बजट में कटौती, छात्रवृत्ति, फीस वृद्धि और छात्र संघ बहाली जैसे विषयों पर अपनी बात रखी। साथ ही केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने और सोनम वांगचुक के साथ संवाद स्थापित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की गई। छात्र नेताओं का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
जंतर-मंतर की घटना का किया उल्लेख
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन कर रहे थे। उनका आरोप है कि सरकार ने बातचीत के बजाय उन्हें वहां से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया। बलिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने सरकार से वांगचुक के साथ संवाद स्थापित करने और उनकी मांगों पर विचार करने की अपील की।
छात्र नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छात्र नेता प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। साथ ही विश्वविद्यालयों के बजट में कटौती, छात्रवृत्ति की व्यवस्था, फीस वृद्धि और छात्र संघ बहाली जैसे मुद्दों पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े विषयों पर सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए ताकि छात्रों का विश्वास बना रहे।
पेपर लीक से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ने की बात
छात्र नेता दिग्विजय पासवान और अमन सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी तो देश के विकास की गति भी प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को सबसे अधिक नुकसान होता है, क्योंकि वे लंबे समय तक तैयारी करने के बाद भी अनिश्चितता का सामना करते हैं।
दोनों नेताओं ने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की।
युवाओं से एकजुट रहने की अपील
भूख हड़ताल को समर्थन देने पहुंचे संतोष प्रताप सिंह ने युवाओं से शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े विषयों पर सभी को मिलकर सकारात्मक प्रयास करना चाहिए।
कई छात्र नेताओं और युवाओं ने दर्ज कराई मौजूदगी
प्रदर्शन में कल्याण सिंह, छात्र नेता मनु कुमार, प्रीतम सिंह प्रधान, रमेश गिरी, अनुभव सिंह, जावेद, अभिषेक शर्मा, वीरेंद्र राजभर, चंदन कन्नौजिया, अभी सिंह, सागर तिवारी, सुजीत पटेल, जाहिद हुसैन, लोकेश यादव, सुधीर सिंह, हिमांशु यादव, राकेश कुमार, विशाल सिंह, मोहम्मद सलमान, पिंटू पांडे, बृजकिशोर सिंह, आनंद पाण्डेय, अनुराग पटेल, अनीश सिंह सहित कई अन्य छात्र और युवा मौजूद रहे। सभी ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग दोहराई।
प्रशासनिक स्थिति
भूख हड़ताल का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रदर्शन स्थल पर सामान्य व्यवस्था बनाए रखी गई। छात्र नेताओं ने बताया कि उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने रखना है।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी और त्वरित कार्रवाई।
शिक्षा बजट में पर्याप्त वृद्धि।
छात्रवृत्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
फीस वृद्धि पर पुनर्विचार।
छात्र संघ बहाली पर निर्णय।
पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के साथ सरकार द्वारा संवाद स्थापित किया जाए।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
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