Child Health Tips : बरसात में बच्चों की सेहत का रखें खास ख्याल, वायरल से लेकर डेंगू-मलेरिया तक का खतरा
आशीष दुबे, बलिया
Child Health Tips :- बरसात और बदलते मौसम में बच्चों में वायरल फ्लू, डायरिया, डेंगू, मलेरिया और फंगल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। डॉ. ए.के. उपाध्याय से जानिए लक्षण, खान-पान और बचाव के जरूरी उपाय।बदलते मौसम में बच्चों की सेहत पर बढ़ा खतरा
Child Health Tips : बदलते मौसम में बच्चों की सेहत पर बढ़ा खतरा
अभिभावकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल फ्लू, वायरल डायरिया के साथ डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों का खतरा रहता है। इसके अलावा वायरल हेपेटाइटिस, बैक्टीरियल इंफेक्शन, त्वचा और फंगल संक्रमण की समस्या भी बच्चों में देखने को मिल सकती है।
बच्चों में सर्दी, खांसी और बुखार जैसे सामान्य दिखने वाले लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, क्योंकि कई गंभीर बीमारियों की शुरुआत भी इन्हीं लक्षणों से होती है। बच्चों को इन बीमारियों से कैसे बचाया जाए, किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और खान-पान कैसा होना चाहिए, इन सवालों पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.के. उपाध्याय ने महत्वपूर्ण जानकारी दी।

सामान्य बुखार समझकर न करें नजरअंदाज
डॉ. ए.के. उपाध्याय के अनुसार बरसात के मौसम में बच्चों में वायरल बीमारियां अधिक देखने को मिलती हैं। वायरल फ्लू और वायरल डायरिया के साथ ही डेंगू, मलेरिया और
चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। कई बीमारियों के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल जैसे ही होते हैं। यही वजह है कि बच्चे को सर्दी, खांसी या बुखार होने पर अपनी तरफ से दवा देने या लंबे समय तक इंतजार करने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर है।
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर रखने के लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त तरल पदार्थ, फल, हरी सब्जियां और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खासकर शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। वहीं घर और आसपास पानी जमा होने से रोकना भी जरूरी है, ताकि मच्छर जनित बीमारियों का खतरा कम किया जा सके।
बदलते मौसम में बच्चों में कौन-कौन सी बीमारियां ज्यादा देखने को मिल रही हैं?
डॉ. उपाध्याय का जवाब:
- बरसात में बच्चों में वायरल फ्लू और वायरल डायरिया के मामले देखने को मिलते हैं।
- मच्छर जनित बीमारियों में डेंगू और मलेरिया का खतरा रहता है।
- वायरल हेपेटाइटिस के मामले भी सामने आ सकते हैं।
- कुछ बच्चों में बैक्टीरियल इंफेक्शन की समस्या होती है।
- नमी के कारण त्वचा संबंधी और फंगल इंफेक्शन भी बढ़ सकते हैं।
- सर्दी, खांसी और बुखार होने पर बच्चे को डॉक्टर के पास कब ले जाएं?
डॉ. उपाध्याय का जवाब:
- इस मौसम में बच्चे को सर्दी, खांसी और बुखार होने पर चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
- डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल से मिलते-जुलते हो सकते हैं।
- शुरुआत में सामान्य लगने वाली परेशानी कुछ दिनों में गंभीर रूप ले सकती है।
- बच्चे की हालत बिगड़ने का इंतजार करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
- बच्चों की इम्युनिटी मजबूत करने के लिए क्या खिलाएं?
डॉ. उपाध्याय का जवाब:
- बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है।
- सामान्य भोजन के साथ पर्याप्त तरल पदार्थ दें।
मौसम के अनुसार ताजे फल और हरी सब्जियां भोजन में शामिल करें। - पर्याप्त पोषण बच्चे के शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।
-खान-पान के साथ साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें। - डेंगू और सामान्य वायरल बुखार के लक्षण कैसे पहचानें?
डॉ. उपाध्याय का जवाब:
- सामान्य वायरल में बुखार, सर्दी-खांसी, शरीर या जोड़ों में दर्द और उल्टी जैसी शिकायत हो सकती है।
- डेंगू की शुरुआत भी कई बार सामान्य वायरल जैसे लक्षणों से हो सकती है।
- डेंगू में शरीर या जोड़ों में तेज दर्द की शिकायत हो सकती है।
आंखों में जलन या लालिमा जैसी शिकायत होने पर भी सावधान रहें। - ऐसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं बीमारी तय करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क कर जांच कराएं।
- बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए क्या सावधानी बरतें?
डॉ. उपाध्याय का जवाब:
- बच्चों की साफ-सफाई और हाथ धोने की आदत पर विशेष ध्यान दें।
खाना खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धुलवाएं। - खेलकर आने या गंदी चीजें छूने के बाद बच्चों को बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह छूने से रोकें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी और दूसरे तरल पदार्थ देते रहें।
- भोजन में फल, हरी सब्जियां, दाल, दाल का पानी और नारियल पानी जैसी पौष्टिक चीजें शामिल की जा सकती हैं।
- बच्चे के शरीर में पानी की कमी न होने दें।
घर और आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचाव करें।
अभिभावक खुद से न करें बीमारी की पहचान
डॉ. उपाध्याय के मुताबिक बदलते मौसम में सामान्य वायरल और कुछ गंभीर संक्रमणों के शुरुआती लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर घर पर बीमारी तय करना उचित नहीं है। बच्चे को लगातार या तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, बार-बार उल्टी, पानी न पी पाना या हालत बिगड़ती दिखाई दे तो चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करके वीडियो भी देख सकते है। https://youtu.be/pzCca4T79ek?si=_LKttwyhBs_sLzyz

