₹8.81 करोड़ की योजना, अब तक मिले सिर्फ ₹4.81 करोड़; 170 दुकानें बनकर तैयार, लेकिन एक भी व्यापारी को नहीं मिला कब्जा
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आशीष दुबे, बलिया
शहर के बीचों-बीच स्थित लोहिया मार्केट पिछले करीब 18 वर्षों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। वर्ष 2005 में आधुनिक व्यापारिक केंद्र के रूप में जिस परियोजना का शिलान्यास बड़े-बड़े दावों के साथ हुआ था, वह आज तक व्यापारियों को समर्पित नहीं हो सकी।
इस बीच नगर पालिका अब गुदरी बाजार की चावल मंडी को तोड़कर नए ‘अटल मार्केट’ के निर्माण की तैयारी कर रही है। ऐसे में शहरवासियों के मन में एक ही सवाल है—जब लोहिया मार्केट ही शुरू नहीं हो पाया, तो क्या नया प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो सकेगा?
लोहिया मार्केट के निर्माण के लिए कुल ₹8.81 करोड़ की लागत स्वीकृत हुई थी। हालांकि धनाभाव और विवादों के चलते अब तक केवल ₹4.81 करोड़ ही मिल सके। इसी कारण पूरा प्रोजेक्ट अधूरा रह गया।
दो मंजिला इस मार्केट में फिलहाल 170 दुकानें बन चुकी हैं, लेकिन आज तक किसी व्यापारी को दुकान आवंटित नहीं की जा सकी। रखरखाव के अभाव में कई दुकानें और भवन का हिस्सा जर्जर होने लगा है।
2005 में शिलान्यास, 2007 में भवन तैयार, फिर भी नहीं खुला बाजार
तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, नगर विकास मंत्री आजम खां, राज्यमंत्री नारद राय और तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता ने वर्ष 2005 में लोहिया मार्केट का शिलान्यास किया था। करीब दो वर्ष बाद भवन तैयार भी हो गया, लेकिन विभागीय विवाद, बजट की कमी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण बाजार आज तक शुरू नहीं हो सका।
क्यों अटका लोहिया मार्केट?
लोहिया मार्केट का मामला नगर पालिका परिषद, नगर विकास विभाग और कार्यदायी संस्था सी एंड डीएस (C&DS) के बीच वर्षों तक उलझा रहा। कार्यदायी संस्था ने अधूरे निर्माण का हवाला देकर भवन नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया। वहीं खाली पड़े परिसर में अवैध कब्जे, सुरक्षा और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आती रहीं।
कई डीएम आए, कई बैठकें हुईं… नतीजा शून्य
पिछले डेढ़ दशक में कई जिलाधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी बदले। कई बार स्थलीय निरीक्षण हुए, समितियां बनीं और बोर्ड बैठकों में प्रस्ताव पारित हुए। वर्ष 2022 में नगर पालिका बोर्ड ने इसका नाम बदलकर ‘महर्षि भृगुजी कॉम्प्लेक्स’ करने का प्रस्ताव भी पारित किया, लेकिन आज तक दुकानों का आवंटन शुरू नहीं हो सका।
अब ‘अटल मार्केट’ की तैयारी
नगर पालिका अब गुदरी बाजार स्थित चावल मंडी, संजय मार्केट और गुड़ पट्टी क्षेत्र में करीब 80 हजार वर्गफीट में आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित भवन में बेसमेंट पार्किंग, आधुनिक दुकानें और बैंक्वेट हॉल बनाने की योजना है। दावा है कि पुराने दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल
शहर के व्यापारी पूछ रहे हैं कि जब 18 साल में लोहिया मार्केट चालू नहीं हो सका, तो क्या अटल मार्केट भी कहीं नई घोषणा बनकर ही न रह जाए? प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले करोड़ों रुपये की लागत से बने लोहिया मार्केट को चालू कर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है।
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