रात का बचा गूंथा आटा अगले दिन खाना सही या नहीं? फ्रिज में रखने के बाद भी इन संकेतों को नजरअंदाज न करें
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आशीष दुबे
रोटी या पराठे बनाने के बाद अगर थोड़ा गूंथा हुआ आटा बच जाए तो उसे फेंकने के बजाय अगले दिन इस्तेमाल करना भारतीय घरों में आम बात है। कई परिवार बचे हुए आटे को फ्रिज में रख देते हैं और सुबह उसी से रोटियां या पराठे बना लेते हैं। इससे खाने की बर्बादी भी कम होती है और दोबारा आटा गूंथने की जरूरत नहीं पड़ती।
हालांकि, गूंथे हुए आटे को सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। खासकर गर्म मौसम में आटे को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ना ठीक नहीं माना जाता। सवाल यह है कि रातभर फ्रिज में रखा हुआ आटा अगले दिन इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं? आइए जानते हैं इससे जुड़ी जरूरी बातें।
गूंथा हुआ आटा जल्दी क्यों बदल सकता है?
सूखे आटे में पानी की मात्रा कम होती है, लेकिन गूंथने के बाद इसमें पानी शामिल हो जाता है। नमी बढ़ने के कारण इसे रखने के दौरान ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है।
अगर गूंथा हुआ आटा लंबे समय तक कमरे के तापमान पर पड़ा रहे, तो उसमें बैक्टीरिया और दूसरे सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। गर्म और उमस वाले मौसम में यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेजी से हो सकती है।
इसलिए गूंथा हुआ आटा बचने के बाद उसे लंबे समय तक बाहर रखने के बजाय जल्द से जल्द उचित तरीके से स्टोर करना बेहतर है।
क्या रातभर रखा आटा खाने से पेट खराब हो सकता है?
अगर आटा सही तरीके से रखा गया है तो स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन गलत तरीके से स्टोर किए गए आटे में हानिकारक सूक्ष्मजीव बढ़ सकते हैं। ऐसे आटे को खाने से फूडबॉर्न बीमारी का खतरा हो सकता है।
इसकी वजह से कुछ लोगों को पेट दर्द, उल्टी, दस्त या मतली जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए केवल यह सोचकर कि आटा बाद में गर्म तवे पर पकाया जाएगा, खराब हो चुके आटे को इस्तेमाल करना सही नहीं है।
फ्रिज में रखा गूंथा आटा कितना सुरक्षित है?
बचे हुए आटे को फ्रिज में रखना कमरे के तापमान पर रखने की तुलना में बेहतर विकल्प है। आटे को साफ और ढके हुए बर्तन या एयरटाइट कंटेनर में रखना चाहिए। इससे बाहर के दूषित कणों के संपर्क को कम करने में मदद मिलती है।
फ्रिज का ठंडा तापमान सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को धीमा कर सकता है, लेकिन इससे आटा हमेशा के लिए सुरक्षित नहीं हो जाता। इसलिए फ्रिज में रखा होने के बावजूद इस्तेमाल से पहले उसकी स्थिति देखना जरूरी है।
सिर्फ यह मान लेना कि फ्रिज में रखा है इसलिए आटा खराब नहीं होगा, सही तरीका नहीं है।
आटे में ये बदलाव दिखें तो इस्तेमाल न करें
अगले दिन आटा निकालते समय उसकी गंध, रंग, बनावट और सामान्य स्थिति पर ध्यान दें। अगर उसमें स्पष्ट रूप से असामान्य बदलाव दिखाई दे रहे हैं, तो उसे इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
इन संकेतों को नजरअंदाज न करें:
– आटे से अजीब या तेज बदबू आना
– सतह पर फफूंद दिखाई देना
– आटा सामान्य से ज्यादा चिपचिपा या असामान्य लगना
– रंग में साफ बदलाव दिखाई देना
– बनावट का असामान्य हो जाना
– आटा देखने या सूंघने पर संदिग्ध लगना
अगर आटे में खराब होने के संकेत नजर आ रहे हैं, तो उसे पकाकर इस्तेमाल करना भी उचित नहीं है। केवल रोटी या पराठा बना लेने से खराब आटे से जुड़ा जोखिम खत्म होने की गारंटी नहीं होती।
गर्म मौसम में क्यों बढ़ जाती है सावधानी की जरूरत?
गर्मी में कमरे का तापमान अधिक होने के कारण भोजन में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि का खतरा बढ़ सकता है। यही वजह है कि गूंथे हुए आटे को लंबे समय तक रसोई या किसी गर्म स्थान पर छोड़ना सही नहीं है।
अगर आटा कुछ समय के लिए बाहर रखा गया है और फिर फ्रिज में रखा गया है, तो उसकी सुरक्षा इस बात पर भी निर्भर करेगी कि वह कितनी देर तक बाहर रहा और किस परिस्थिति में रखा गया था। इसलिए जितनी जल्दी हो सके उसे ढककर फ्रिज में रखना बेहतर तरीका है।
बच्चों और बुजुर्गों के मामले में रहें ज्यादा सतर्क
फूड सेफ्टी के मामले में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है। ऐसे लोगों को संदिग्ध स्थिति वाला या खराब होने के संकेत दिखाने वाला आटा नहीं खिलाना चाहिए।
घर में अगर किसी को बचे हुए आटे की गुणवत्ता को लेकर संदेह है, तो जोखिम लेने के बजाय उसे इस्तेमाल न करना ही बेहतर विकल्प है।
निष्कर्ष
रात का बचा हुआ गूंथा आटा अगले दिन इस्तेमाल करना हर स्थिति में गलत नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसकी सुरक्षा मुख्य रूप से स्टोरेज के तरीके और आटे की स्थिति पर निर्भर करती है। आटे को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ने के बजाय साफ, ढके हुए या एयरटाइट कंटेनर में फ्रिज में रखना अधिक सुरक्षित तरीका है।
अगले दिन इस्तेमाल से पहले आटे की गंध, रंग और बनावट जरूर जांचें। अगर फफूंद, तेज बदबू, असामान्य चिपचिपापन या कोई अन्य संदिग्ध बदलाव नजर आए, तो उसे फेंक देना चाहिए। खाने की बर्बादी रोकना जरूरी है, लेकिन खराब या संदिग्ध भोजन का सेवन करके सेहत को जोखिम में डालना उचित नहीं है।
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