इमरजेंसी से ट्रामा सेंटर को जोड़ने वाला मार्ग भारी बारिश में धंसा, स्ट्रेचर से मरीजों की आवाजाही हुई बाधित
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आशीष दुबे, बलिया
जिला अस्पताल परिसर में सोमवार को भारी बारिश के बीच बड़ा हादसा होते-होते टल गया। इमरजेंसी से मेडिकल वार्ड और ट्रामा सेंटर को जोड़ने वाला मार्ग अचानक धंस गया, जिससे करीब तीन फीट गहरा गड्ढा बन गया। इसी दौरान ट्रामा सेंटर की ओर जा रहे वार्ड ब्वाय गड्ढे में गिरकर घायल हो गए। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकालकर ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वार्ड ब्वाय कृष्ण मोहन इमरजेंसी से ट्रामा सेंटर की ओर जा रहे थे। तभी अचानक मार्ग धंस गया और उनका पैर गड्ढे में चला गया। हादसे के बाद आसपास मौजूद अस्पताल कर्मी और लोग मौके पर पहुंचे तथा उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना के बाद कुछ समय तक इमरजेंसी से मेडिकल वार्ड तक मरीजों को स्ट्रेचर से ले जाने का कार्य प्रभावित रहा। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन गंभीर मरीजों को ट्रामा सेंटर और मेडिकल वार्ड तक पहुंचाया जाता है। यदि उस समय स्ट्रेचर पर मरीज होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मार्ग अंदर से पहले ही खोखला हो चुका था, लेकिन उसकी मरम्मत करने के बजाय ऊपर से केवल टाइल्स बिछा दी गई थी। बारिश के दौरान टाइल्स के नीचे की जमीन धंसने से यह हादसा हुआ। गड्ढे में पहले से पानी भरा होने के कारण इसकी स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाया।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गड्ढे के चारों ओर ईंट लगाकर घेराबंदी कर दी है, ताकि कोई अन्य व्यक्ति हादसे का शिकार न हो। हालांकि, मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल परिसर में जर्जर मार्गों की समय रहते मरम्मत नहीं होने से इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
मरीजों की आवाजाही पर पड़ा असर
इमरजेंसी, ट्रामा सेंटर और मेडिकल वार्ड को जोड़ने वाला यह मार्ग अस्पताल का सबसे व्यस्त रास्ता है। मार्ग धंसने के बाद कुछ समय तक स्ट्रेचर से मरीजों को वार्ड तक पहुंचाने में दिक्कतें आईं। कर्मचारियों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।
टाइल्स के नीचे खोखला था रास्ता, उठे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
घटना के बाद लोगों ने आरोप लगाया कि मार्ग के नीचे की जमीन पहले से खोखली थी। उसकी तकनीकी जांच और मरम्मत कराने के बजाय केवल ऊपर टाइल्स लगाकर काम पूरा कर दिया गया। अब मार्ग धंसने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। अस्पताल आने वाले लोगों ने पूरे परिसर की जांच कर क्षतिग्रस्त मार्गों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
सीएमएस बोले, जानकारी लेकर कराएंगे आवश्यक कार्रवाई
इस संबंध में जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सुजीत कुमार यादव ने बताया कि मार्ग धंसने और वार्ड ब्वाय के घायल होने की जानकारी अभी उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी ली जा रही है। यदि मार्ग धंसने की घटना हुई है तो संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो और मरीजों तथा अस्पताल कर्मियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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