Breaking News

Ballia News :- आकाशीय बिजली की चपेट में आने से महिला की मौत, दो बेटों और बेटी के सिर से उठा मां का साया

Spread the love

दुबहर क्षेत्र के घोड़हरा गांव में खेत की ओर जाते समय हुआ हादसा, जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित

देश दुनिया के ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए www.TheBoltaBharat.com का Whatsapp चैनल नीचे को  दिये गये लिंक को टैप/क्लिक करके जुड़ सकते हैं-Follow On Whatsapp

आशीष दुबे, बलिया

दुबहर थाना क्षेत्र के घोड़हरा गांव में सोमवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजन गंभीर हालत में महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है।

घोड़हरा गांव निवासी माया देवी (29) पत्नी उमेश तुरहा सोमवार शाम करीब पौने चार बजे बारिश के दौरान खेत की ओर गई थीं। इसी बीच तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने से वह उसकी चपेट में आ गईं। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन तत्काल उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। मंगलवार को गांव में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। महिला की असमय मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

बेटी के बरैक्षा में गए पति को रास्ते में मिली मौत की खबर

मृतका के पति उमेश तुरहा अपनी बेटी लक्ष्मी के बेटे के बरैक्षा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दो दिन पहले दिल्ली गए थे। सोमवार को वह शिवगंगा एक्सप्रेस से वाराणसी पहुंचे और वहां से बलिया के लिए रवाना हुए। रास्ते में उन्हें पत्नी की मौत की सूचना मिली। इसके बाद वह सीधे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां पत्नी का शव देखकर फफक पड़े। परिजनों को संभालना मुश्किल हो गया।

दो बेटे और एक बेटी छोड़ गई माया

माया देवी अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गई हैं। बच्चों के सिर से मां का साया उठने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।

बारिश के दौरान खेतों और खुले स्थानों से बचने की सलाह

लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम में खेतों, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर ही शरण लें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

Contact Us

Whatsapp

Follow

X/Twiter

Follow

Facebook

Follow

Instagram

Follow

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *