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LPG Price History: 12 साल में कितनी बदली रसोई गैस की कीमत? अगस्त-सितंबर के आंकड़ों से समझें पूरा खेल

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LPG Price History: अगस्त-सितंबर में क्यों बदलते हैं रसोई गैस के दाम? जानिए पिछले 12 सालों का पूरा इतिहास

आशीष दुबे 

नई दिल्ली। देश में रसोई गैस की कीमतों में होने वाला बदलाव सीधे आम लोगों के घरेलू बजट और कारोबारियों की लागत को प्रभावित करता है। तेल विपणन कंपनियां हर महीने एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए रेट जारी किए जाते हैं।

पिछले कई वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त से सितंबर के बीच एलपीजी की कीमतों में कई बार बड़ी कटौती हुई है, जबकि कुछ वर्षों में उपभोक्ताओं को कीमत बढ़ने का सामना भी करना पड़ा। खास तौर पर 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिलता है।

“LPG Cylinder Price Change – August September”

19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर में कब मिली सबसे बड़ी राहत?

19 किलो का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकानों और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होता है। इसलिए इसकी कीमत बढ़ने या घटने का असर खाने-पीने के कारोबार की लागत पर भी पड़ सकता है।

2014 से 2025 के बीच अगस्त से सितंबर के आंकड़ों में कई बार कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटे और बढ़े। इनमें 2023 की कटौती सबसे उल्लेखनीय रही।

अगस्त 2023 में दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब ₹1,680 थी। सितंबर में यह घटकर लगभग ₹1,522.50 रह गई। यानी एक महीने में करीब ₹157.50 प्रति सिलेंडर की कमी हुई।

इसी अवधि में कोलकाता में भी बड़ी कटौती देखने को मिली। मुंबई और चेन्नई में भी कमर्शियल गैस की कीमतों में कमी दर्ज की गई। कारोबारियों के लिए यह राहत इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि त्योहारों के दौरान होटल, रेस्टोरेंट और खान-पान से जुड़े कारोबार में गैस की खपत बढ़ जाती है।

2017 में अगस्त से सितंबर के बीच बढ़े थे दाम

हर साल उपभोक्ताओं को राहत ही मिले, ऐसा नहीं है। कुछ वर्षों में अगस्त से सितंबर के बीच कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी भी हुई।

2017 में दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर का दाम अगस्त में करीब ₹966 था। सितंबर में इसकी कीमत बढ़कर लगभग ₹1,081 हो गई। यानी करीब ₹115 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हुई।

इस तरह के बदलाव का सीधा असर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लागत पर पड़ता है। गैस महंगी होने पर होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट जैसे कारोबारों के खर्च बढ़ सकते हैं।

2014 से 2025 तक कमर्शियल गैस का उतार-चढ़ाव

अगस्त से सितंबर के बीच कमर्शियल एलपीजी की कीमतों का इतिहास लगातार एक जैसा नहीं रहा।

2014 में दिल्ली में कीमत करीब ₹1,535.50 से घटकर ₹1,503 हो गई। यानी लगभग ₹32.50 की कमी हुई।

2015 में भी उपभोक्ताओं को राहत मिली। कीमत करीब ₹1,046.50 से घटकर ₹1,005.50 रह गई।

2016 में कीमतों में अपेक्षाकृत कम बदलाव देखने को मिला।

इसके बाद 2018 और 2019 में कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़े। 2018 में करीब ₹47 और 2019 में लगभग ₹50.50 की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

2021 में भी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का रेट करीब ₹1,623 से बढ़कर ₹1,693 हो गया। यानी लगभग ₹70 प्रति सिलेंडर की वृद्धि हुई।

2022 में इसके उलट कीमतों में करीब ₹91.50 की कटौती हुई और दिल्ली में रेट लगभग ₹1,976.50 से घटकर ₹1,885 रह गया।

2024 में फिर कीमत बढ़ी और दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर का रेट करीब ₹1,652.50 से बढ़कर ₹1,691.50 हो गया।

2025 में अगस्त से सितंबर के बीच दिल्ली में कीमत करीब ₹1,631.50 से घटकर ₹1,580 रह गई। यानी लगभग ₹51.50 की राहत मिली।

घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों का क्या रहा हाल?

कमर्शियल सिलेंडर के अलावा 14.2 किलो का घरेलू एलपीजी सिलेंडर करोड़ों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कीमत में बदलाव का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है।

2014 में दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत अगस्त में करीब ₹920 थी, जो सितंबर में घटकर लगभग ₹901 रह गई। यानी करीब ₹19 की कमी हुई।

2015 में भी कीमतों में कमी देखने को मिली। इस दौरान रेट करीब ₹585 से घटकर ₹559.50 के आसपास आ गया।

2016 में भी घरेलू एलपीजी की कीमतों में कमी का दौर जारी रहा और दिल्ली में रेट करीब ₹466.50 के आसपास पहुंच गया।

2017 में घरेलू गैस भी हुई महंगी

2017 में कमर्शियल सिलेंडर के साथ घरेलू एलपीजी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। दिल्ली में अगस्त के दौरान कीमत करीब ₹524 थी, जो सितंबर में बढ़कर लगभग ₹597.50 हो गई। यानी करीब ₹73.50 की वृद्धि हुई।

इसके बाद 2018 और 2019 में भी घरेलू गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा।

वहीं 2020 में कोरोना महामारी के दौरान अगस्त और सितंबर में दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट करीब ₹594 पर स्थिर रहा।

2023 में घरेलू LPG पर मिली ₹200 की राहत

घरेलू एलपीजी की कीमतों में 2023 का बदलाव काफी महत्वपूर्ण रहा। अगस्त 2023 के अंत में केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹200 की कटौती की घोषणा की।

इसके बाद दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत करीब ₹903 से घटकर लगभग ₹703 हो गई। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए अतिरिक्त सहायता का भी प्रावधान किया गया था।

इस फैसले से घरेलू गैस उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिली और त्योहारों से पहले परिवारों के मासिक बजट पर पड़ने वाला दबाव कम हुआ।

हर महीने की पहली तारीख को क्यों बदलते हैं LPG के दाम?

एलपीजी की कीमत तय होने के पीछे कई आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय कारक काम करते हैं। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है।

इसके अलावा अमेरिकी डॉलर और भारतीय रुपये की विनिमय दर भी महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा उत्पादों का कारोबार मुख्य रूप से डॉलर में होता है। ऐसे में रुपये की कीमत कमजोर होने पर आयात की लागत बढ़ सकती है।

अंतरराष्ट्रीय कीमत, आयात लागत, विनिमय दर और अन्य लागतों को ध्यान में रखते हुए तेल विपणन कंपनियां कीमतों की समीक्षा करती हैं। भारत में प्रमुख तेल विपणन कंपनियों में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम शामिल हैं।

अगस्त और सितंबर में बदलाव को लेकर क्या समझना चाहिए?

अगस्त और सितंबर में एलपीजी की कीमतों में बदलाव को केवल त्योहारों की वजह से जोड़ना सही नहीं होगा। कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, आयात लागत, मुद्रा विनिमय दर और सरकारी नीतियों समेत कई कारकों का असर होता है।

त्योहारी सीजन के दौरान गैस की मांग बढ़ सकती है, लेकिन किसी महीने कीमत बढ़ने या घटने का एकमात्र कारण मांग नहीं होता। इसलिए एलपीजी के रेट में होने वाले बदलाव को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों के साथ देखना जरूरी है।

क्या LPG की कीमत आगे भी बदल सकती है?

एलपीजी की कीमतें स्थायी नहीं होतीं। तेल कंपनियां समय-समय पर बाजार की परिस्थितियों के आधार पर कीमतों में बदलाव करती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को हर महीने जारी होने वाले नए रेट पर नजर रखनी चाहिए।

पिछले 12 वर्षों के अगस्त-सितंबर के आंकड़े बताते हैं कि एलपीजी की कीमतों में कभी बड़ी कटौती हुई तो कभी उल्लेखनीय बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। 2023 और 2025 जैसे वर्षों में कमर्शियल सिलेंडर पर राहत मिली, जबकि 2017 और 2024 में कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली।

इससे साफ है कि रसोई गैस का रेट किसी एक तय पैटर्न पर नहीं चलता। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, रुपये की स्थिति, आयात लागत और सरकारी फैसले मिलकर इसकी कीमत को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि हर महीने की पहली तारीख को जारी होने वाले एलपीजी रेट आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

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