Breaking News

Ballia News :- ट्रॉमा सेंटर में बाहर से इंजेक्शन मंगाने का आरोप, जिला अस्पताल के दावों पर उठे सवाल

Spread the love

दो मरीजों ने डॉ. अखिलानंद पांडेय पर बाहर से इंजेक्शन लिखने का लगाया आरोप, सीएमएस बोले- लिखित शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई

देश दुनिया के ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए www.TheBoltaBharat.com का Whatsapp चैनल नीचे को  दिये गये लिंक को टैप/क्लिक करके जुड़ सकते हैं-Follow On Whatsapp

आशीष दुबे, बलिया

जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को बाहर से इंजेक्शन और दवाएं लिखे जाने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। रविवार को इलाज कराने पहुंचे दो मरीजों ने पर्चियां दिखाते हुए आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में मौजूद डॉ. अखिलानंद पांडेय ने उन्हें अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बजाय बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगे इंजेक्शन खरीदने के लिए लिखा। इससे अस्पताल प्रशासन के उस दावे पर सवाल उठ रहे हैं, जिसमें पर्याप्त मात्रा में दवा और इंजेक्शन उपलब्ध होने की बात कही जाती है।

पहला मामला बलिया रेलवे स्टेशन का है। स्टेशन पर गिरने से घायल भीम को उपचार के लिए जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया गया। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान चिकित्सक ने करीब 450 रुपये का इंजेक्शन बाहर से मंगवाया।

वहीं, दलपतपुर, बैरिया निवासी बख्शीश पाल ने बताया कि उनके हाथ पर लकड़ी गिरने से फ्रैक्चर हो गया था। रविवार को ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर उनका आरोप है कि डॉ. अखिलानंद पांडेय ने उन्हें करीब 520 रुपये का इंजेक्शन बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए लिखा। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बावजूद निजी खर्च उठाना पड़ रहा है।

मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि यदि जिला अस्पताल में दवा और इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तो मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। उनका कहना है कि सबसे अधिक परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उठानी पड़ रही है।

ballia-trauma-center-outside-injection-allegation

अस्पताल कहता है दवा भरपूर, फिर बाहर से क्यों खरीद रहे मरीज?

जिला अस्पताल प्रशासन का दावा है कि अस्पताल में आवश्यक दवाएं और इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके बावजूद लगातार मरीजों द्वारा बाहर से दवा और इंजेक्शन लिखे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि स्टॉक उपलब्ध है तो मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर क्यों भेजा जा रहा है।

क्या बोले सीएमएस

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार यादव ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो पूरे प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Contact Us

Whatsapp

Follow

X/Twiter

Follow

Facebook

Follow

Instagram

Follow

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *