576 कॉलेजों में सिर्फ 27 ने अपलोड किया डेटा, मंडलायुक्त ने दिए सख्त निर्देश
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आशीष दुबे, बलिया
बलिया: आजमगढ़ मंडल में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समीक्षा के दौरान सामने आया है कि मंडल के 576 सहायता प्राप्त और राजकीय महाविद्यालयों में से केवल 27 कॉलेजों ने ही निर्धारित पोर्टल पर अपनी जानकारी अपलोड की है। अधिकांश संस्थानों द्वारा निर्देशों का पालन न किए जाने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई है और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मंडल स्तर की समीक्षा में सामने आई स्थिति
मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश सरकार ने महाविद्यालयों का अद्यतन डेटा एकीकृत पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों की वास्तविक स्थिति, संसाधनों और शैक्षणिक व्यवस्थाओं की सही जानकारी उपलब्ध कराना है।
समीक्षा में सामने आया कि मंडल के कुल 576 महाविद्यालयों में से अब तक केवल 27 संस्थानों ने ही पोर्टल पर पूरा डेटा अपलोड किया है। वहीं 549 महाविद्यालयों की ओर से अब तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
पांच राजकीय और 542 सहायता प्राप्त कॉलेजों में भी स्थिति चिंताजनक
रिपोर्ट के अनुसार मंडल में 5 राजकीय महाविद्यालय तथा 542 सहायता प्राप्त महाविद्यालय संचालित हैं। समीक्षा के दौरान पाया गया कि अधिकांश संस्थानों ने पोर्टल पर आवश्यक जानकारी दर्ज नहीं की है, जिससे उच्च शिक्षा विभाग की निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन में कठिनाई आ रही है।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा सभी कॉलेजों को समय पर डेटा अपलोड करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके थे, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी।
आजमगढ़ मंडल प्रदेश में 12वें स्थान पर
बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, डेटा अपलोड की स्थिति के आधार पर आजमगढ़ मंडल प्रदेश में 12वें स्थान पर है। मंडलायुक्त ने इस स्थिति में सुधार लाने के लिए सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक महाविद्यालय की अद्यतन जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि शासन स्तर पर सही योजना निर्माण और संसाधनों का वितरण किया जा सके।
जिलों के अधिकारियों को दिए गए निर्देश
मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों, जिला विद्यालय निरीक्षकों और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के महाविद्यालयों से समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर डेटा अपलोड कराएं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन संस्थानों ने अब तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है, उनसे कारण पूछा जाए और आवश्यक होने पर जवाबदेही भी तय की जाए।
पोर्टल पर कौन-कौन सी जानकारी अपलोड की जानी है
उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार महाविद्यालयों को पोर्टल पर संस्थान से जुड़ी विभिन्न जानकारियां अपलोड करनी हैं। इनमें मुख्य रूप से
महाविद्यालय की आधारभूत सुविधाएं
शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण
छात्र-छात्राओं की संख्या
उपलब्ध पाठ्यक्रम
भवन और प्रयोगशालाओं की स्थिति
पुस्तकालय एवं अन्य शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी
इन जानकारियों के आधार पर शासन स्तर पर महाविद्यालयों की स्थिति का आकलन किया जाता है और भविष्य की योजनाएं तैयार की जाती हैं।
समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने पर जोर
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कई महाविद्यालयों ने अभी तक पोर्टल पर लॉगिन कर जानकारी भरने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की है। इस पर मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय सीमा के भीतर डेटा अपलोड नहीं किया गया तो संबंधित संस्थानों और जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह डेटा
विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल पोर्टल पर महाविद्यालयों की जानकारी उपलब्ध होने से शासन को प्रत्येक संस्थान की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में सुविधा मिलती है। इससे बजट आवंटन, नए पाठ्यक्रमों की स्वीकृति, शिक्षकों की आवश्यकता और अन्य विकास योजनाओं का निर्णय अधिक प्रभावी ढंग से लिया जा सकता है।
इसके अलावा एकीकृत डेटा उपलब्ध होने से निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी बनती है।
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