परिजनों का दावा- गलत इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी हालत
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आशीष दुबे, बलिया
रेवती क्षेत्र की सात माह की मासूम निकिता की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने गांव के एक निजी मेडिकल स्टोर संचालक पर गलत उपचार करने और कचरे से निकाला गया इंजेक्शन लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार रेवती क्षेत्र निवासी सात माह की निकिता के सिर में घाव होने के कारण उसे बुखार आ रहा था। मृतका के चाचा पंकज माली ने बताया कि शनिवार को निकिता की मां और भाभी उसे गांव के एक निजी मेडिकल स्टोर पर उपचार के लिए लेकर गई थीं। आरोप है कि वहां मेडिकल स्टोर संचालक ने इंजेक्शन लगाने के बाद दवा देकर घर भेज दिया।
परिजनों का कहना है कि रविवार दोपहर करीब एक बजे निकिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया, लेकिन दोपहर करीब 3:30 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वार्ड बाय नहीं मिला, गोद में उठाकर ले गए शव
मासूम की मौत के बाद जिला अस्पताल के नए भवन स्थित बच्चा वार्ड से शव को शवगृह तक पहुंचाने के लिए वार्ड बाय को बुलाया गया।
परिजनों का आरोप है कि करीब एक घंटे तक इंतजार के बावजूद कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। आखिरकार स्वजन मासूम के शव को गोद में उठाकर स्वयं ही शवगृह तक ले गए। इस घटना के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस संबंध में सीएसएस डॉ सुजीत कुमार यादव ने बताया कि मामला मेरा संज्ञान में नही है, जांच की का रही है।
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