हल्दी के सोनवानी गांव से जुड़ा मामला, शिकायत के बाद हुई विस्तृत जांच
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आतिश उपाध्याय, बलिया
बलिया। बलिया जिले में अनुसूचित जनजाति (एसटी) जाति प्रमाणपत्र से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने बड़ा निर्णय लिया है। विकास खंड बेलहरी के ग्राम सोनवानी निवासी दीनानाथ कमकर, छोटू कमकर और आशा देवी के नाम से जारी खरवार (अनुसूचित जनजाति) जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए गए हैं। समिति के निर्णय की अधिकृत प्रति 14 जुलाई 2026 को जारी की गई। यह फैसला लंबे समय से चल रही शिकायत और जांच प्रक्रिया के बाद लिया गया।
शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच
इस मामले की शुरुआत सोनवानी गांव निवासी दयाशंकर सिंह की शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि संबंधित लोगों ने गलत तथ्यों और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अनुसूचित जनजाति (खरवार) का जाति प्रमाणपत्र प्राप्त किया है।
शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी तहसीलदार सदर को सौंपी गई, जिन्होंने विभिन्न सरकारी अभिलेखों और उपलब्ध दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया।
कई सरकारी अभिलेखों की हुई जांच
जांच के दौरान विद्यालयों के प्रवेश अभिलेख, छात्रवृत्ति रजिस्टर, सेवा पुस्तिकाएं, मनरेगा रिकॉर्ड, पेंशन सूची, न्यायालयीय अभिलेख और अन्य सरकारी दस्तावेजों की जांच की गई। इन दस्तावेजों में संबंधित परिवार के सदस्यों की जाति कई स्थानों पर कमकर दर्ज मिली।
जांच रिपोर्ट में उपलब्ध अभिलेखों का मिलान करते हुए समिति के समक्ष पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
पुराने अभिलेख भी बने जांच का हिस्सा
शिकायतकर्ता दयाशंकर सिंह ने अपने पक्ष में कई पुराने दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। इनमें वर्ष 1907 का बलिया गजेटियर, पुराने राजस्व अभिलेख तथा जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में जारी आदेशों का उल्लेख किया गया।
इन दस्तावेजों को भी समिति ने जांच प्रक्रिया का हिस्सा बनाया और अन्य सरकारी रिकॉर्ड के साथ उनका परीक्षण किया गया।
संबंधित पक्ष ने झारखंड से विस्थापन का किया दावा
सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष ने दावा किया कि उनके पूर्वज झारखंड क्षेत्र से विस्थापित होकर बलिया आए थे और वे खरवार जनजाति से संबंधित हैं। हालांकि समिति के समक्ष इस दावे के समर्थन में कोई ऐसा दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका, जिससे इस दावे की पुष्टि हो सके।
समिति ने उपलब्ध अभिलेखों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही निर्णय लेने की प्रक्रिया अपनाई।
समिति ने सर्वसम्मति से लिया निर्णय
जिला कास्ट स्क्रूटनी कमेटी ने शिकायतकर्ता और संबंधित पक्ष दोनों की दलीलों, जांच रिपोर्ट तथा उपलब्ध दस्तावेजों पर विचार करने के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि दीनानाथ कमकर, छोटू कमकर और आशा देवी के नाम से जारी खरवार (अनुसूचित जनजाति) जाति प्रमाणपत्र निरस्त किए जाएं।
इसके साथ ही 20 जनवरी 2025 को दयाशंकर सिंह द्वारा की गई शिकायत का भी निस्तारण कर दिया गया।
बैठक अप्रैल में हुई, आदेश जुलाई में जारी
समिति की बैठक 15 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी। निर्णय लेने के बाद आदेश की अधिकृत प्रति 14 जुलाई 2026 को जारी की गई।
यह आदेश प्रमुख सचिव समाज कल्याण, आयुक्त आजमगढ़ मंडल, जिलाधिकारी बलिया, तहसीलदार सदर तथा संबंधित पक्षों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई
जिला प्रशासन के अनुसार समिति के आदेश के बाद संबंधित विभाग अब नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेंगे। यदि किसी सरकारी योजना, आरक्षण या अन्य लाभ में इन प्रमाणपत्रों का उपयोग किया गया होगा तो संबंधित विभाग अपने स्तर पर नियमों के अनुसार आवश्यक निर्णय ले सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जाति प्रमाणपत्र से जुड़े मामलों में केवल वैध अभिलेखों और प्रमाणों के आधार पर ही निर्णय लिया जाता है।
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