अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर बेंगलुरु के पास आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
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आशीष दुबे, बलिया
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर जिले में स्थित सद्गुरु सन्निधि बेंगलुरु में एक बड़े योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आदियोगी प्रतिमा की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न हिस्सों से 2,300 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों में एनसीसी कैडेट, सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान, छात्र, ग्रामीण, स्वयंसेवक और आम नागरिक शामिल रहे।
आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम क्षेत्र में आयोजित प्रमुख योग दिवस आयोजनों में से एक रहा। बड़ी संख्या में युवाओं और सुरक्षा बलों की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया।
एनसीसी कैडेट और बीएसएफ जवानों की उल्लेखनीय भागीदारी
कार्यक्रम में करीब 1,700 एनसीसी कैडेट शामिल हुए। इसके अलावा लगभग 200 बीएसएफ कर्मियों ने भी योग सत्र में हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि करीब 100 ग्रामीण और 100 स्वयंसेवकों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी इस आयोजन का हिस्सा बने।
इस अवसर पर बीएसएफ और एनसीसी के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रतिभागियों को योग के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में जानकारी दी।
लगातार चौथे वर्ष मनाया गया योग दिवस
सद्गुरु सन्निधि बेंगलुरु में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन लगातार चौथे वर्ष किया गया। आयोजकों का कहना है कि हर वर्ष इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों की संख्या बढ़ रही है और युवाओं में योग के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।
इस बार का आयोजन विशेष रूप से युवाओं, छात्रों और सुरक्षा बलों को योग से जोड़ने पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और अनुशासित जीवनशैली से जुड़े संदेश भी दिए गए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। ‘साउंड्स ऑफ ईशा’ और ‘प्रोजेक्ट संस्कृति’ की टीमों ने संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और मुख्य अतिथियों ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पारंपरिक कलाओं और योग से जुड़े प्रदर्शन भी शामिल रहे। प्रतिभागियों ने मार्शल आर्ट, भरतनाट्यम और योगासन से संबंधित प्रस्तुतियों को देखा।
योग सत्र और ध्यान अभ्यास का आयोजन
मुख्य कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को विभिन्न योग प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। इसमें उप-योग, योग नमस्कार, गर्दन संबंधी व्यायाम और निर्देशित ध्यान सत्र शामिल थे।
विशेषज्ञों द्वारा योग अभ्यास के दौरान सही तकनीक और दैनिक जीवन में योग को शामिल करने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने सामूहिक रूप से ध्यान प्रक्रिया में भाग लिया।
आयोजकों के अनुसार, इन सत्रों का उद्देश्य प्रतिभागियों को सरल और व्यवहारिक योग तकनीकों से परिचित कराना था, ताकि वे नियमित जीवन में भी इनका उपयोग कर सकें।
प्रतिभागियों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। निट्टे इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा और एनसीसी कैडेट धात्री ने बताया कि वे सुबह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं और दिन की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान योगासन और अन्य गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला। इसके बाद सात मिनट के ‘मिरेकल ऑफ माइंड’ ध्यान सत्र का आयोजन किया गया, जिसे पहली बार कन्नड़ भाषा में प्रस्तुत किया गया।
प्रतिभागियों ने बताया कि ध्यान और योग अभ्यास से उन्हें मानसिक एकाग्रता और शारीरिक सक्रियता के महत्व को समझने का अवसर मिला।
कन्नड़ भाषा में लॉन्च हुआ ‘मिरेकल ऑफ माइंड’ ऐप
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सद्गुरु के नि:शुल्क गाइडेड मेडिटेशन एप्लिकेशन ‘मिरेकल ऑफ माइंड’ का कन्नड़ संस्करण लॉन्च होना रहा।
आयोजकों के अनुसार, यह ऐप कन्नड़ भाषी लोगों को ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी प्रक्रियाओं तक उनकी अपनी भाषा में पहुंच उपलब्ध कराएगा। ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता सरल निर्देशित ध्यान सत्रों का लाभ उठा सकेंगे।
बताया गया कि इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक ध्यान और मानसिक कल्याण से संबंधित संसाधन पहुंचाना है। स्थानीय भाषा में उपलब्धता से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण पर रहा विशेष फोकस
योग दिवस कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आंतरिक विकास को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में योग और ध्यान तनाव प्रबंधन तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण साधन बन सकते हैं।
कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नियमित योग अभ्यास की आवश्यकता और इसके दीर्घकालिक लाभों के बारे में जानकारी दी। साथ ही लोगों को दैनिक जीवन में कुछ मिनट ध्यान और योग के लिए निकालने की सलाह दी गई।
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