कदम चौराहा से दुबहड़ तक कई स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त, निर्माण कार्य अभी भी अधूरा
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आशीष दुबे, बलिया
करोड़ों रुपये की लागत से चौड़ीकरण और सुंदरीकरण के बाद तैयार हो रहे राष्ट्रीय राजमार्ग-31 की गुणवत्ता पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। शहर के कदम चौराहा, मालगोदाम रोड, बेयसी और दुबहड़ समेत कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ने लगी है। जगह-जगह गड्ढे और दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि एनएच-31 का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह समाप्त भी नहीं हुआ है। डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइट लगाने, पौधरोपण करने और कई अन्य सौंदर्यीकरण कार्य अभी अधूरे हैं। इसके बावजूद पहली ही बरसात में सड़क की हालत बिगड़ने लगी है।
स्थानीय निवासी आकाश सिंह का कहना है कि सड़क निर्माण पूरा होने से पहले ही परत उखड़ना गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है। वहीं राकेश पांडेय ने कहा कि बारिश के बाद कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं,
जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। मोहन कुमार का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की यह स्थिति चिंताजनक है। वहीं छोटू खान ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
निर्माण पूरा होने से पहले ही दिखने लगी खामियां
राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे कार्य को जिले की बड़ी विकास परियोजनाओं में गिना जा रहा है, लेकिन निर्माण पूरा होने से पहले ही सड़क का क्षतिग्रस्त होना कई सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि अभी यह स्थिति है तो मानसून के दौरान सड़क की हालत और खराब हो सकती है।
आवागमन में बढ़ी परेशानी
कदम चौराहा, मालगोदाम और बेयसी जैसे व्यस्त इलाकों में सड़क टूटने से वाहन चालकों को झटके खाकर गुजरना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन सवारों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग से सड़क की गुणवत्ता की जांच कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
सवालों के घेरे में निर्माण एजेंसी
करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पहली बारिश में सड़क की परत उखड़ना निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है। अब लोगों की नजर विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही पर टिकी है कि आखिर इतनी जल्दी सड़क खराब कैसे होने लगी।
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