इलाज में देरी बनी जानलेवा, डॉक्टर बोले- समय पर अस्पताल पहुंचता तो बच सकती थी जान
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आशीष दुबे, बलिया
उभांव थाना क्षेत्र के बेल्थरारोड नगर के वार्ड नंबर 13 जहीरगंज मोहल्ले में शनिवार शाम एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। घर में खेल रहे 13 वर्षीय बालक की सर्पदंश से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार जहीरगंज निवासी हिमांशु प्रजापति (13) पुत्र भृगुनाथ प्रजापति घर में कांच की गोलियों से खेल रहा था। इसी दौरान कुछ गोलियां एक सुराख में चली गईं। हिमांशु जैसे ही गोलियां निकालने के लिए सुराख में हाथ डालने लगा, वहां छिपे सांप ने उसे डंस लिया।
सर्पदंश के बाद परिजन घबराकर उसे एक निजी क्लीनिक ले गए, जहां हालत बिगड़ने पर सीएचसी सीयर पहुंचाया गया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. बी.एस. सोनकर ने जांच के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया।
डॉ. सोनकर ने बताया कि बालक को सर्पदंश के करीब ढाई से तीन घंटे बाद अस्पताल लाया गया था। यदि समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाता तो एंटी-वेनम इंजेक्शन देकर उसकी जान बचाई जा सकती थी।
घटना के बाद मृतक की मां और अन्य स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि कुछ ही देर पहले तक हंस-खेल रहा हिमांशु अचानक इस दुनिया को छोड़ जाएगा, किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
सर्पदंश होने पर क्या करें?
मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं।
झाड़-फूंक और घरेलू इलाज में समय न गंवाएं।
प्रभावित अंग को ज्यादा हिलाने-डुलाने से बचाएं।
जल्द से जल्द एंटी-वेनम उपचार दिलाना जीवन बचा सकता है।
डॉक्टर की सलाह
सीएचसी सीयर के चिकित्सक डॉ. बी.एस. सोनकर ने कहा कि बरसात के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में बच्चों को सुराख, झाड़ियों और अंधेरी जगहों से दूर रहने की सलाह दें तथा सर्पदंश होने पर सीधे अस्पताल पहुंचें।
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