मुफ्त इलाज देने वाली योजना को लेकर लोगों में बना हुआ है भ्रम, जानिए कार्ड बनवाने की पूरी प्रक्रिया
देश दुनिया के ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए www.TheBoltaBharat.com का Whatsapp चैनल नीचे को दिये गये लिंक को टैप/क्लिक करके जुड़ सकते हैं-Follow On Whatsapp
आशीष दुबे
नई दिल्ली। देशभर में करोड़ों लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली आयुष्मान भारत योजना को लेकर आज भी लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। इनमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पैसे लगते हैं या फिर यह पूरी तरह मुफ्त है? कई लोग गलत जानकारी के कारण कार्ड बनवाने से भी पीछे हट जाते हैं।
दरअसल, आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सरकार किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लेती है। पात्र लाभार्थी अपना कार्ड पूरी तरह निशुल्क बनवा सकते हैं और इसके जरिए सूचीबद्ध अस्पतालों में सालाना पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ उठा सकते हैं।
कैसे बनवाएं आयुष्मान कार्ड?
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थियों के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प मौजूद हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पात्रता जांची जा सकती है। वहीं ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या सरकारी शिविरों में जाकर कार्ड बनवाया जा सकता है।
सरकार नहीं लेती कोई शुल्क
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सरकार की ओर से कोई शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। यदि कोई व्यक्ति पात्र है तो उसका कार्ड मुफ्त में बनाया जाता है।
प्रिंटिंग के नाम पर लग सकता है मामूली शुल्क
हालांकि, यदि कोई व्यक्ति सीएससी सेंटर से कार्ड का प्रिंट निकलवाता है तो वहां प्रिंटिंग और अन्य तकनीकी सेवाओं के लिए 20 से 30 रुपये तक का मामूली शुल्क लिया जा सकता है। यह शुल्क कार्ड बनाने का नहीं, बल्कि प्रिंटिंग और सेवा शुल्क होता है।
किन लोगों को मिलता है लाभ?
आयुष्मान भारत योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को दिया जाता है। लाभार्थी सूची में नाम होने पर ही कार्ड बनाया जाता है। पात्रता की जांच आधिकारिक पोर्टल या सीएससी सेंटर पर की जा सकती है।
क्या-क्या दस्तावेज जरूरी?
●आधार कार्ड
●मोबाइल नंबर
●राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
●परिवार की पात्रता से संबंधित दस्तावेज
एक कार्ड, पांच लाख तक का इलाज
आयुष्मान कार्ड धारकों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसमें कई गंभीर बीमारियों के उपचार भी शामिल हैं।
Contact Us |
|
|
|
|
|
X/Twiter |
|
|
|
|
|
|

