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Ballia News :- ‘भाई की शादी में जरूर आइए’… मैसेज पढ़ते ही शुरू हो गई ठगी, दो लोगों के साथ लाखों की साइबर वारदात

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  • बलिया में साइबर ठगों का नया हथकंडा, वेडिंग कार्ड के नाम पर भेज रहे हैं हैकर लिंक

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आशीष दुबे, बलिया

साइबर अपराधियों ने अब शादी-ब्याह जैसे पारिवारिक आयोजनों को भी ठगी का जरिया बना लिया है। डिजिटल वेडिंग कार्ड के नाम पर भेजे जा रहे संदिग्ध एपीके (APK) लिंक लोगों के बैंक खातों को निशाना बना रहे हैं। बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र में ऐसे ही दो मामलों में साइबर ठगों ने दो लोगों के खातों से कुल 1.87 लाख रुपये उड़ा दिए। दोनों पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

साइबर अपराधी व्हाट्सएप और मोबाइल संदेशों के माध्यम से “भाई की शादी का कार्ड जरूर देखें” या “परिवार के विवाह समारोह में सादर आमंत्रण” जैसे संदेश भेज रहे हैं। संदेश के साथ एक एपीके फाइल या संदिग्ध लिंक भी भेजा जाता है। लोग शादी का निमंत्रण समझकर जैसे ही लिंक खोलते हैं या फाइल डाउनलोड करते हैं, उनका मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला जाता है।

शादी का कार्ड खोलते ही खाते से निकले 97 हजार रुपये

सिकंदरपुर कस्बे के मुड़ियापुर निवासी सिराजुद्दीन के मोबाइल पर एक डिजिटल वेडिंग कार्ड आया। उन्होंने उसे सामान्य निमंत्रण समझकर खोल लिया। कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से तीन किश्तों में कुल 97,472 रुपये निकाल लिए गए। पहली बार 47,894 रुपये, दूसरी बार 24,684 रुपये और तीसरी बार 24,894 रुपये की निकासी हुई। घटना की जानकारी होने पर उन्होंने सिकंदरपुर थाने में तहरीर दी।

दूसरे पीड़ित के खाते से भी उड़े 90 हजार रुपये

इसी तरह मोहल्ला मिल्की निवासी शकील अहमद के मोबाइल पर भी संदिग्ध लिंक भेजा गया। लिंक खुलते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और खाते से तीन किश्तों में कुल 90,054 रुपये निकाल लिए गए। पहली बार 47,975 रुपये, दूसरी बार 19,894 रुपये तथा तीसरी बार 22,185 रुपये की निकासी हुई। शकील अहमद ने भी पुलिस से शिकायत की है।

एपीके फाइल में छिपा रहता है मालवेयर

विशेषज्ञों के अनुसार एपीके फाइलों के भीतर मालवेयर और जासूसी सॉफ्टवेयर छिपे रहते हैं। जैसे ही फाइल डाउनलोड होती है, मोबाइल का नियंत्रण हैकरों के हाथ में चला जाता है। इसके बाद बैंकिंग एप, यूपीआई और अन्य गोपनीय जानकारियां साइबर अपराधियों तक पहुंच जाती हैं।

पुलिस ने जारी की चेतावनी

क्राइम इंस्पेक्टर सिकंदरपुर चंद्रशेखर यादव ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान एपीके फाइल या संदिग्ध लिंक को न खोलें। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन के किसी भी डिजिटल निमंत्रण पत्र, लिंक या फाइल पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। साथ ही ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई है।

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