करोड़ों रुपये के नुकसान के बाद हरकत में आया विभाग, बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान की तैयारी
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आशीष दुबे
उत्तरप्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली चोरी को रोकने के लिए विद्युत विभाग बड़े अभियान की तैयारी में जुट गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जल्द ही विशेष टीमों का गठन कर घर-घर जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान संदिग्ध कनेक्शनों की जांच के साथ बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
पावर कॉरपोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक जिले में प्रतिदिन करीब 2.78 लाख रुपये की बिजली चोरी हो रही है। महीने भर में यह आंकड़ा लगभग 83 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में हो रही बिजली चोरी न केवल राजस्व को प्रभावित कर रही है, बल्कि बिजली व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ा रही है।
कई इलाकों में सबसे ज्यादा बिजली चोरी विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार शहर के गोड़ियाबाग, घोसी की पुलिया, दौलतबाग, नवाबपुरा, लालबाग, पुराना दसवां घाट, वारसी नगर, मुगलपुरा, बरवलान, सीतापुरी, टीचर्स कॉलोनी, मियां कॉलोनी, जयंतीपुर, रहमतनगर, पीतल बस्ती, असालतपुरा और चक्कर की मिलक जैसे क्षेत्रों में बिजली चोरी के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।
इन इलाकों को विभाग ने संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इसके बावजूद पिछले महीने केवल दो स्थानों पर ही कार्रवाई दर्ज होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठ रहे हैं।
विशेष टीम करेगी निगरानी
सूत्रों के अनुसार विद्युत विभाग ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी टीम तैनात करने की तैयारी कर रहा है। टीम घर-घर पहुंचकर मीटर, कनेक्शन और बिजली उपयोग की जांच करेगी। जिन उपभोक्ताओं पर अनियमितता या चोरी का संदेह होगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को वैध कनेक्शन लेने और नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करना भी है।
राजस्व बढ़ाने पर भी फोकस
बिजली चोरी रोकना विभाग के लिए इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है क्योंकि इससे राजस्व संग्रह प्रभावित होता है। अधिकारियों का कहना है कि चोरी कम होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
क्या होगी कार्रवाई?
बिजली चोरी पकड़े जाने पर संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा जुर्माना और बकाया बिल की वसूली भी की जाती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली का उपयोग केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से करें।
निष्कर्ष
उत्तरप्रदेश में बिजली चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए विद्युत विभाग अब सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में शुरू होने वाला जांच अभियान यह तय करेगा कि विभाग राजस्व नुकसान रोकने और बिजली व्यवस्था सुधारने में कितना सफल हो पाता है। फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित होती है।
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