Breaking News

बलिया में पुलिस-बदमाश मुठभेड़: गो-तस्कर गिरफ्तार, पैर में गोली लगने से घायल

Spread the love

देश दुनिया के ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए www.TheBoltaBharat.com का Whatsapp चैनल नीचे को  दिये गये लिंक को टैप/क्लिक करके जुड़ सकते हैं-Follow On Whatsapp

Ballia News। सिकन्दरपुर थाना क्षेत्र में गो-तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने बुधवार रात करीब 10:30 बजे एक खतरनाक गो-तस्कर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।

पकड़ा गया आरोपी पुलिस फायरिंग में घायल हो गया, जिसके पैर में गोली लगी है। घायल बदमाश का इलाज सदर अस्पताल बलिया में किया जा रहा है, वहीं पुलिस टीम आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।

चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग

घटना बुधवार की देर रात उस समय हुई जब सिकन्दरपुर थाना पुलिस खरीद से नदी की तरफ जाने वाले मार्ग पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इस दौरान एक बाइक सवार संदिग्ध युवक पुलिस की नजर में आया।

पुलिस ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोपी तेज गति से आगे बढ़ गया और बैलेंस बिगड़ने के कारण सड़क के किनारे बाईं पटरी पर बाइक सहित गिर पड़ा।

पुलिस द्वारा घेराबंदी किए जाने पर आरोपी ने भागने की कोशिश की और खुद को पकड़ा हुआ देखकर अचानक पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा।

गिरफ्तार बदमाश की पहचान, पहले भी भाग चुका था

पकड़े गए आरोपी की पहचान बृजेश पुत्र धर्मदेव प्रसाद, निवासी मोहम्मदपुर थाना घोसी, जनपद मऊ के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह संगठित गो-तस्करी गिरोह का हिस्सा है।

उसने बताया कि 3 दिसंबर 2025 की सुबह वह अपने एक साथी के साथ पिकअप वाहन में गोवंश लादकर वध के लिए बिहार ले जा रहा था। पुलिस ने उस दिन वाहन को कब्जे में ले लिया था, लेकिन मौका पाकर बृजेश वहां से फरार हो गया था और तब से उसकी तलाश जारी थी।

तमंचा और कारतूस बरामद

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से एक तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपी इन हथियारों का उपयोग गोवंश तस्करी के दौरान सुरक्षा के लिए करता था। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।

इलाज जारी, गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

घायल गो-तस्कर को पुलिस ने तुरंत उपचार के लिए सदर अस्पताल बलिया में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति स्थिर है।

पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं और वे किस रूट से गोवंश की तस्करी करते थे। इस दिशा में छापेमारी की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण, उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट

घटना के बाद थाना प्रभारी ने पूरी घटना की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। क्षेत्राधिकारी ने भी मुठभेड़ स्थल का निरीक्षण किया और टीम को सतर्क रहते हुए आगे की कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।

गोवंश तस्करी को लेकर जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार दबिशें चल रही हैं। पुलिस का कहना है कि संगठित तस्करी करने वाले गिरोहों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी भी सूरत में ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

Contact Us

Whatsapp

Follow

X/Twiter

Follow

Facebook

Follow

Instagram

Follow

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *