बलिया पिंडहरा ससुराल मारपीट रोशनी देवी का मामला सुर्खियों में है। बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के पिंडहरा गांव में बलिया पिंडहरा ससुराल मारपीट रोशनी देवी केस ने इलाके को हिलाकर रख दिया। एक विवाहिता को उसके ससुराल वालों ने बेरहमी से पीट-पीटकर घर से निकाल दिया। रोशनी देवी को ससुराल ने पीटा और सात माह की मासूम संतान को गोद में लिए न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर कर दिया।
पुलिस ने बलिया पिंडहरा गांव ससुराल मारपीट केस में पीड़िता की शिकायत पर उसके पति मुन्नीलाल राजभर समेत सास लगनी देवी, ससुर राजपाल, भसुर मोतीलाल, श्याम सुंदर व राजाराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी पति अब दूसरी शादी की धमकी दे रहा है, जो मामले को और गंभीर बना रहा है।

बलिया पिंडहरा ससुराल मारपीट रोशनी देवी का पूरा मामला
रोशनी देवी को ससुराल ने पीटा और 17 फरवरी को बांसडीह कोतवाली के पिंडहरा गांव से घर से बाहर फेंक दिया। पीड़िता ने बताया कि 17 अप्रैल 2023 को मुन्नीलाल राजभर से हिंदू रीति-रिवाज से शादी हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद ही बांसडीह कोतवाली पिंडहरा विवाहिता घर निकाला का सिलसिला शुरू हो गया। पति, सास-ससुर और भसुरों ने छोटी-छोटी बातों पर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी। दहेज की मांग तो बस बहाना था – असल में घर के झगड़े हिंसा में बदल गए। सात माह का बेटा सूरज इस क्रूरता का मूक साक्षी बन गया।
रोशनी ने आंसुओं भरी आवाज में कहा, “मेरा बच्चा अभी दूध पीता है, मैं अकेली क्या करूं? ससुराल वाले उत्तर प्रदेश बलिया महिला घरेलू हिंसा केस में मुझे मारने की धमकी दे रहे। पति खुलेआम दूसरी शादी की बात कर रहा है।” फिलहाल वह रिश्तेदारों के घर पर शरण लिए है, लेकिन असुरक्षा का डर सताता रहता है। पिंडहरा गांव सात माह बेटा न्याय की आस में थाने के चक्कर लगा रही है।
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बांसडीह कोतवाली पिंडहरा विवाहिता घर निकाला – पुलिस कार्रवाई
प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने बलिया पिंडहरा ससुराल मारपीट रोशनी देवी केस में तत्काल कार्रवाई की। आईपीसी धारा 498ए (क्रूरता), 323 (मारपीट), 504 (अपमान) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।
“पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू हो गई। आरोपी पक्ष को नोटिस भेजा जाएगा। महिला और उसके बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे,” सिंह ने पुष्टि की। बलिया पुलिस ने बलिया पिंडहरा गांव ससुराल मारपीट केस में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
बलिया के इस केस से सबक – समाज जागे!
रोशनी देवी को ससुराल ने पीटा वाला ये मामला पूर्वांचल के हर परिवार के लिए है। बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़ जैसे जिलों में उत्तर प्रदेश बलिया महिला घरेलू हिंसा केस आम हो गए हैं। एनसीआरबी डेटा बताता है कि यूपी में महिलाओं पर अपराध 12% बढ़े हैं।
ज्यादातर केस सास-ससुर और पति के नाम दर्ज होते हैं। पिंडहरा गांव सात माह बेटा न्याय की लड़ाई लड़ रही रोशनी जैसी हजारों महिलाएं चुप हैं। समाज को चाहिए – दहेज लोभ खत्म हो, बेटियों को आत्मरक्षा सिखाई जाए।
अब बलिया पिंडहरा ससुराल मारपीट रोशनी देवी केस कोर्ट में पहुंचेगा। पीड़िता को भरण-पोषण और बच्चे की कस्टडी मिलनी चाहिए। आरोपी सजा पाएं तो ऐसे केसों पर लगाम लगेगी। क्या बलिया पुलिस न्याय दिला पाएगी?
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