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बलिया। जिले में लंबे समय से लंबित विरासत और राजस्व मामलों को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कर-करेत्तर राजस्व, राजस्व वादों और विरासत मामलों की समीक्षा बैठक में डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि 45 दिन से अधिक समय से कई अविवादित विरासत मामले लंबित पड़े हैं। इस पर उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों का अनिवार्य रूप से शीघ्र निस्तारण कराया जाए। साथ ही पहले से लंबित सभी अविवादित विरासत मामलों को हर हाल में निष्पादित करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने धारा 34 के तहत पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों पर गहरी नाराजगी जताई। समीक्षा में सामने आया कि तहसील सिकंदरपुर में 48, बांसडीह में 21 और बलिया सदर में 143 अविवादित मामले अब भी लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित एसडीएम को कड़ी चेतावनी देते हुए पीठासीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिले में 300 से अधिक बंटवारा संबंधी मुकदमे लंबित हैं, जिनका तत्काल निस्तारण कराया जाए। इसके लिए कार्य योजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया। डीएम ने साफ कहा कि पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों को किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रखा जाए।
साथ ही आमजन को जानकारी देने के उद्देश्य से सभी एसडीएम को निर्देश दिया गया कि धारा 34 से संबंधित जानकारी के लिए सभी न्यायालयों के बाहर एक-एक तथा प्रत्येक तहसील परिसर में दो-दो सूचना बोर्ड लगाए जाएं।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना की फाइलों के लंबित होने पर भी डीएम ने सख्ती दिखाई। उन्होंने कहा कि किसी भी तहसील में इस योजना से जुड़ी फाइलें रोकी न जाएं और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा तहसील रसड़ा, सिकंदरपुर और बैरिया के एसडीएम को निर्देश दिया गया कि 20 दिसंबर तक हर हाल में लेखपालों की विरासत सूची उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसी भी कर्मचारी के स्थानांतरण की स्थिति में उसकी सेवा पुस्तिका और संबंधित अभिलेख 10 दिनों के भीतर नई तैनाती वाली तहसील को उपलब्ध कराए जाएं। इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित पीठासीन अधिकारी का वेतन रोके जाने की चेतावनी दी गई।
डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम यदि अब भी मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज हैं, तो उन्हें तत्काल हटाया जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम शर्मा, सभी एसडीएम और राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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