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बिहार चुनाव में यूपी नेताओं का दंगल – कौन पड़ा भारी?
बिहार चुनाव में भले ही लड़ाई स्थानीय थी, लेकिन मैदान यूपी के दिग्गजों ने गरमाया। एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की, और इस जीत में यूपी के नेताओं के भाषण, आरोप-प्रत्यारोप और भीड़ जुटाने की क्षमता का बड़ा रोल दिखा।
🔥 योगी आदित्यनाथ – 31 रैलियों का तूफानी असर
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने बिहार में 31 सभाएं कीं और उनका स्ट्राइक रेट रहा 87% से अधिक। यानी 31 में से 27 सीटें एनडीए ने जीत लीं। योगी का प्रभाव इस चुनाव में निर्णायक रहा।
योगी का “तीन बंदर” वाला बयान पूरे चुनाव में सबसे बड़ा विवाद और चर्चा का विषय बन गया।
योगी ने महागठबंधन के नेताओं को पप्पू-टप्पू-अप्पू कहकर पूरा चुनावी तेवर बदल दिया। विपक्ष रोजगार, विकास और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर बात ही नहीं कर पाया। पूरा चुनाव बंदर विवाद में उलझ गया।
🗳 योगी की रैली/सभा का असर – सीटवार डाटा
| तारीख | सभा/रैली वाली सीट | कुल सीट | जीते/आगे |
|---|---|---|---|
| 16 अक्टूबर | दानापुर (पटना), सहरसा | 2 | भाजपा, आईआईपी |
| 29 अक्टूबर | रघुनाथपुर, शाहपुर, बक्सर | 3 | राजद, भाजपा, भाजपा |
| 31 अक्टूबर | सीवान, लालगंज, अगिआंव | 3 | भाजपा, भाजपा, भाजपा |
| 3 नवंबर | केवटी, मुजफ्फरपुर, गरखा, दीघा | 4 | भाजपा, भाजपा, राजद, भाजपा |
| 4 नवंबर | मोहिउद्दीननगर, बैकुंठपुर, लखीसराय, दरभंगा | 4 | भाजपा, भाजपा, भाजपा, भाजपा |
| 5 नवंबर | वजीरगंज, सासाराम | 2 | भाजपा, रालोमो |
| 6 नवंबर | बगहा, बेतिया, परिहार | 3 | भाजपा, भाजपा, भाजपा |
| 7 नवंबर | ढाका, लौरिया, रक्सौल | 3 | भाजपा, भाजपा, भाजपा |
| 8 नवंबर | मोतिहारी, पिपरा, अतरी | 3 | भाजपा, भाजपा, हम |
| 9 नवंबर | सिकटी, नरपतगंज, छातापुर, बिस्फी | 4 | भाजपा, भाजपा, भाजपा, राजद |
योगी कुल सीटें: 31 | एनडीए जीती 27
योगी की रैलियों में भीड़ उमड़ी, और उन्होंने राम-कृष्ण से लेकर जंगलराज तक हर मुद्दे पर विपक्ष को घेरा। नतीजों में इसका प्रभाव साफ दिखा।
🔴 अखिलेश यादव – 22 सभाएँ, लेकिन स्ट्राइक रेट मात्र 9%
अखिलेश यादव ने बिहार में 22 सीटों पर प्रचार किया, लेकिन असर बेहद कम रहा। सिर्फ 2 सीटें ही महागठबंधन जीत पाया।
खेसारी लाल यादव को भी जीत नहीं दिला सके अखिलेश — बड़ी राजनीतिक किरकिरी!
🗳 अखिलेश की रैली/सभा का सीटवार असर
| तारीख | सभा/रैली वाली सीट | कुल सीट | जीते/आगे |
|---|---|---|---|
| 1 नवंबर | बहादुरपुर | 1 | जेडीयू |
| 2 नवंबर | सरायरंजन, सीतामढ़ी, छपरा | 3 | जेडीयू, भाजपा, भाजपा |
| 3 नवंबर | कल्याणपुर, रघुनाथपुर, महाराजगंज, भभुआ | 4 | जेडीयू, राजद, जेडीयू, भाजपा |
| 4 नवंबर | ओबरा, बेलागंज, दिनारा | 3 | लोजपा, जेडीयू, रालोमो |
| 5 नवंबर | नवादा, जमुई, बेलहर, नाथनगर | 4 | जेडीयू, भाजपा, जेडीयू, लोजपा |
| 6 नवंबर | रून्नीसैदरपुर, मोतिहारी | 2 | जेडीयू, भाजपा |
| 7 नवंबर | रफीगंज, नोखा | 2 | जेडीयू, जेडीयू |
| 8 नवंबर | धमदाहा, राजनगर, बिस्फी | 3 | जेडीयू, भाजपा, राजद |
अखिलेश कुल सीटें: 22 | महागठबंधन जीती 2
तीनों नेता—तेजस्वी, राहुल और अखिलेश—बंदर विवाद में उलझे रहे, जिससे महागठबंधन की रणनीति बिखरती चली गई।
🟡 मायावती – स्ट्राइक रेट 20%
मायावती ने कैमूर के भभुआ में रैली की। पांच सीटों पर प्रचार किया और एक सीट जीत ली। बसपा का वोट प्रतिशत 1.52% रहा।
⚠ चंद्रशेखर आजाद, स्वामी प्रसाद मौर्य और ओमप्रकाश राजभर – सभी की जमानत जब्त
इन दलों ने काफी सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन कोई प्रभाव नहीं दिख पाया। नतीजा — एक भी सीट नहीं मिली और लगभग सभी जगह जमानत जब्त हो गई।
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