शारदीय नवरात्रि का आज दूसरा दिन है। इस दिन श्रद्धालु माता ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना करते हैं। माता के इस स्वरूप को तपस्या और संयम का प्रतीक माना जाता है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और माता के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से साधक को ज्ञान, वैराग्य और शक्ति प्राप्त होती है। भक्तजन माता को सफेद वस्त्र, पुष्प, धूप-दीप और अक्षत अर्पित कर विशेष पूजन करते हैं। कई जगहों पर कन्या पूजन की भी शुरुआत हो गई है।
पूरे देश में इस अवसर पर विशेष भजन-कीर्तन और दुर्गा सप्तशती का पाठ हो रहा है। पंडालों और मंदिरों में सुंदर सजावट की गई है, जिससे नवरात्रि का उत्सव और भी भव्य दिखाई दे रहा है। बाजारों में भी रौनक चरम पर है और पूजा सामग्री की खरीददारी जोरों पर है।
धार्मिक गुरुओं का कहना है कि माता ब्रह्मचारिणी की आराधना करने से जीवन में अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
📌 आज का विशेष मंत्र
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः
इस मंत्र का जप करने से साधक को आत्मबल, संयम और तपस्या की शक्ति प्राप्त होती है।
📌 पूजन विधि
माता ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा या चित्र को साफ स्थान पर स्थापित करें।
सफेद या पीले फूल अर्पित करें।
अक्षत, चंदन, धूप-दीप और शुद्ध घी का दीपक जलाएँ।
माता के मंत्र का 108 बार जप करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।

