देश दुनिया के ब्रेकिंग न्यूज और बाकी सभी अपडेट के लिए www.TheBoltaBharat.com का Whatsapp चैनल नीचे को दिये गये लिंक को टैप/क्लिक करके जुड़ सकते हैं-Follow On Whatsapp
जमुना दयाल, वाराणसी
चंदौली। बेसिक शिक्षा विभाग में लापरवाही और मनमानी का एक बड़ा मामला सामने आया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कुमार ने शनिवार को सदर विकासखंड के तीन प्राथमिक विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तीन शिक्षामित्र अपनी उपस्थिति दर्ज करने के बावजूद विद्यालय से नदारद पाए गए।
🔹 हस्ताक्षर किए, पर विद्यालय से गायब
बीएसए के निरीक्षण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कुछ शिक्षामित्रों ने उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर दिए थे, लेकिन वे विद्यालय में मौजूद नहीं थे।
प्राथमिक विद्यालय माधवपुर: शिक्षामित्र उषा देवी ने उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर तो कर दिए, लेकिन विद्यालय में नहीं थीं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि वह “दवा लेने” गई थीं, परंतु हस्ताक्षर करने के बाद अनुपस्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर प्रथम: यहां शिक्षामित्र संतोष कुमार सिंह और रीना देवी भी हस्ताक्षर करने के बाद विद्यालय से नदारद मिले।
🔹 बीएसए ने मांगा तीन दिन में स्पष्टीकरण
शिक्षामित्रों की इस गंभीर लापरवाही पर बीएसए सचिन कुमार ने सख्त रुख अपनाया।
उन्होंने तीनों शिक्षामित्रों — उषा देवी, संतोष कुमार सिंह और रीना देवी — को तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण (जवाब) देने का आदेश दिया है।
बीएसए ने चेतावनी दी है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो इन पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
🔹 शिक्षा की गुणवत्ता पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय जयरामपुर में सभी शिक्षक उपस्थित मिले और मध्याह्न भोजन व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
हालांकि अन्य विद्यालयों में मिली अनियमितताओं ने जिले की शिक्षा व्यवस्था की जमीनी सच्चाई और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
बीएसए ने सभी प्रधानाध्यापकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, साफ-सफाई और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शैक्षिक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Contact Us |
|
|
|
|
|
X/Twiter |
|
|
|
|
|
|

