Ballia :- बलिया शहर में चोरों का बोलबाला है और पुलिस मूकदर्शक बनी बैठी है। शहर में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं, लेकिन पुलिस हर बार की तरह मुकदमा दर्ज कर हाथ पर हाथ धरे बैठ जाती है। नतीजा यह कि चोरों के हौसले सातवें आसमान पर हैं और आम जनता खौफ के साये में जीने को मजबूर है।
ताजा मामला बेहद चौंकाने वाला है। नगर कोतवाली क्षेत्र के जजेज कम्पाउंड में महिला जज के सरकारी आवास से लाखों के गहने और कीमती सामान पार कर दिए गए। चोरी का अंदाज ऐसा था कि मानो चोरों को पुलिस से कोई डर ही न हो। अपर सिविल जज (जूडि) कोर्ट संख्या दो प्रियंका यादव ने खुद पुलिस को तहरीर दी है।
जज ने अपनी तहरीर में लिखा है कि 5 सितंबर को उन्होंने अपने आवास पर ताला बंद किया था। 21 सितंबर की शाम जब वह लौटीं तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। दरवाजे पर फेविक्विक के निशान पड़े थे। अंदर जाकर देखा तो सोने की झुमकी, मांग टीका और कान की बाली गायब थे। जज ने शक जाहिर करते हुए साफ कहा है कि यह काम उनकी कामवाली गीता, उसके पति, पिता और बच्चों का हो सकता है। पुलिस ने नामजद मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन जांच की रफ्तार कछुए जैसी है।
उधर शहर में बाइक चोरों ने भी आतंक मचा रखा है। जापलिनगंज निवासी विशाल पाण्डेय की केटीएम बाइक घर के सामने से चुराई गई, तो वहीं गड़वार थाना क्षेत्र के एकवारी गांव निवासी इन्द्रजीत कुमार की सुपर स्पलेंडर बाइक निबंधन कार्यालय के बाहर से गायब कर दी गई। दोनों मामलों में भी पुलिस सिर्फ तहरीर लेकर रोजनामचा भर रही है।
Ballia शहर के लोग अब सवाल पूछने लगे हैं कि आखिर पुलिस सिर्फ मुकदमा लिखने की मशीन बनकर रह गई है या वाकई अपराधियों को पकड़ने की भी कोशिश करेगी। अगर पुलिस इसी तरह ढुलमुल रवैया अपनाए रहेगी, तो बलिया में अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे।

